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साइबर ग्रूमिंग क्या होती है और साइबर ग्रूमिंग से कैसे बचे ? what is cyber grooming and safety tips for cyber grooming

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नमस्कार मित्रों ,

आज के इस लेख में हम जानेंगे कि साइबर ग्रूमिंग क्या होती है और साइबर ग्रूमिंग से कैसे बचे ? टेक्नोलॉजी के विकास होने से इसने लोगो के जीवन को बहुत ही आसान बना दिया। जिस कार्य को करने में काफी समय लगता था अब वही आसानी से काम समय में सुविधाजनक हो गया है।  टेक्नोलॉजी के इस युग में इंटरनेट  एक अहम् भूमिका निभा रहा है , व्यक्ति अपना मनचाहा कार्य अब घर बैठे भी कर सकता है। जैसे हर चीज में अच्छाई और बुराई होती है वैसे इसमें भी एक है , कुछ लोग इस इंटरनेट का दुरूपयोग कर आपराधिक कार्य कर रहे है उन्ही में से एक साइबर ग्रूमिंग भी है।  साइबर ग्रूमिंग को सुन कर आप सभी के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे होंगे जैसे कि :-
  1. साइबर ग्रूमिंग क्या है ? 
  2. साइबर ग्रूमिंग का शिकार कौन होता है ? 
  3. साइबर ग्रूमिंग का शिकार होने से कैसे बचे ?
  4. साइबर ग्रूमिंग की शिकायत कैसे करें ? 
इन सभी सवालों के जवाब विस्तार से जाने। 



1. साइबर ग्रूमिंग क्या है ?

साइबर ग्रूमिंग को समझने के लिए इसके अर्थ को अच्छे से जानना होगा। साइबर ग्रूमिंग के इन दो शब्दों के अर्थ को जाने।  साइबर का अर्थ  डिजिटल टेक्नोलॉजी जो कि कंप्यूटर और इंटरनेट का उपयोग करना है। ग्रूमिंग का अर्थ सामान्य तौर पर सजने सवरना है परन्तु कानूनी भाषा में इसे किसी व्यक्ति के विश्वास जितना और भवनात्मक सम्बन्ध बनाना। 

साइबर ग्रूमिंग जिसका अर्थ कंप्यूटर और इंटरनेट का उपयोग कर जरिये ऑनलाइन किसी व्यक्ति के विश्वास को जीतना और भावनात्मक सम्बन्ध स्थापित करना है। जिसका मुख्य उद्देश्य है यौन उत्पीड़न और शोषण करना है। साइबर ग्रूमिंग एक ऐसी ऑनलाइन प्रक्रिया है जहाँ कोई व्यक्ति यौन उत्पीड़न और शोषण करने के लिए उन कम उम्र के बच्चों और किशोरों को शिकार बनाता है जो कि सोशल मीडिया पलटफोर्म और मैसेजिंग प्लेटफार्म का उपयोग कर रहे है , इन पलटफोर्म के जरिये बच्चों और किशोरों से संपर्क में आकर इनका विश्वास जितना और भावनात्मक तरीके से सम्बन्ध बना कर इन पर अपना प्रभाव बनाना है।  विश्वास और भावनात्मक सम्बन्ध इतना गहरा बना लेना ताकि यौन प्रकृति जैसे कि यौन बातचीत , चित्र या चल चित्र आदि अनुचित सामग्री की मांग करना और बाद में इन्ही सब के जरिये धमकी और ब्लैक मेल कर के आर्थिक मांग करना।   

2. साइबर ग्रूमिंग का शिकार कौन होता है ? 

साइबर ग्रूमिंग का शिकार ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफार्म या मैसेजिंग प्लेटफार्म या ऑनलाइन गेमिंग का उपयोग कर रहे बच्चे और किशोर इस साइबर ग्रूमिंग का शिकार बनते है।  इन प्लेटफार्म के माध्यम से साइबर ग्रूमर बच्चों और किशोरों के विश्वास को जीतकर उनके साथ भावनात्मक सम्बन्ध बनाकर उसका यौनशोषण और यौनउत्पीडन करना होता है।  

4 . साइबर ग्रूमिंग की शुरुआत कैसे होती है ?

साइबर ग्रूमिंग का शुरुआत होती है ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफार्म , मैसेजिंग प्लेटफार्म या ऑनलाइन मल्टीप्लयेर गेमिंग प्लेटफार्म से अनजान व्यक्ति यानी साइबर ग्रूमर्स बच्चो और किशरों से संपर्क स्थापित करना। 
  1. संपर्क स्थापित होने के बाद दोस्ती की शुरुआत कर उनके हिसाब से उनके तरीके ऐसे उनको पसंद आने वाली उसके मन मुताबिक बातें करना और ,
  2. उपहार देना , 
  3. अच्छा और बुरा की समझ करवाना ताकि विस्वास जीता जा सके। 
  4. भावनात्मल बातें करके उनपर अपना एक अच्छा प्रभवा बनाना। 
  5. अपनी फोटो और वीडियो शेयर करना और उधर से भी मांग करना। 
  6. धीरेधीरे सामान्य बातचीत से समय सही सझते हुए अनुचित सामग्री की मांग करना जैसे कि  यौन बातचीत , यौन प्रकृति की सामग्री की मांग करना। 
  7. कामुकता सामग्री का अदान  प्रदान करना। 
  8. फोटो या वीडियो के जरिये यौन इच्छाओं की मांग करना फिर इनकी रिकॉर्डिंग करना ताकि ब्लैकमेल कर आर्थिक और मनोवैज्ञानिक क्षति कारित करना। 
5. साइबर ग्रूमिंग की पहचान यानि इसके लक्षण क्या है ? 
 कोई बच्चा या किशोर साइबर ग्रूमिंग की पहचान कर पाना बहुत ही मुश्किल है परन्तु इसके कुछ लक्षण है जिनकी सहायता से मालूम किया जा सकता है :--
  1. बच्चो या किशोरों का अधिकांश समय अपने कमरे में या किसी भी स्थान के एकांत रूप से लैपटॉप या स्मार्ट फ़ोन में व्यस्त रहना। 
  2. ऑनलाइन गतिविधियों में रक्षात्मक और गुप् तरीके से गुप्त रहना। 
  3. किसी भी व्यक्ति को अपना लैपटॉप या स्मार्टफोन न छूने देना न देखने देना। 
  4. किसी बट पर एकाग्रता से न सुनना न ही किसी बातों पर ध्यान देना।  
  5. किसी बात का जवाब न देना और देना भी तो भी चिढ़कर या झिल्ला कर देना। 
6. साइबर ग्रुमिंग का बच्चे और किशोर शिकार न हो इसके लिए क्या करें ?

साइबर ग्रूमिंग जो कि एक साइबर थ्रेट है , इसका शिकार पके भी बच्चे न हो तो इसके लिए माता पिता या संरक्षक को ये सवधानियाँ अपनानी पड़ेगी जैसे की :-
  1. बच्चों या किशोर के साथ एक अच्छा और सही समय बिताये उसने बात करें , अच्छे से समझाएं क्या सही है क्या गलत है। 
  2. सोशल मीडिया प्लेटफार्म या मैसेजिंग ऐप या ऑनलाइन मल्टीप्लयेर गेमिंग ऐप में किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गयी फ्रेंड्स रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें। 
  3. ऑनलाइन किसी भी व्यक्ति के साथ अपनी गोपनीय जानकारी साझा न  करें जैसे कि :- जन्म तिथि , घर का पता , मोबाइल नंबर , ईमेल आईडी , फोटो , बैंक से सम्बंधित जानकारी , आधार कार्ड , पैन कार्ड , पासपोर्ट , अन्य गोपनीय दस्तावेजों को साझा न करें।  
  4. सोशल मीडिया प्लेटफार्म , मैसेजिंग ऐप या ऑनलाइन मल्टीप्लयेर गेम में प्राइवेसी का खास ध्यान रखें। 
  5. यदि कोई अनजान व्यक्ति आपसे किसी तरह ऑनलइन दोस्ती कर भी लेता है और थोड़े ही समय में आपकी सुंदरता की तारीफ करता है , तो  इस तरीफ से प्रभावित बिलकुल न हो।  
  6. यदि दोस्ती हो जाने के थोड़े ही समय आपसे यौन प्रकृति से सम्बंधित बात चीत करते है या अश्लील चित्रों या वीडियो की मांग करते है , तो तुरंत ब्लॉज करें और रिपोर्ट।  
7 . साइबर ग्रूमिंग का शिकार हो जाने पर क्या करें?

यदि कोई भी बच्चा या किशोर साइबर ग्रूमिंग का शिकार हो भी जाता है।  तो उसको इन युक्तिओं को जरूर अपनाना चाहिये जैसे कि :-
  1. अपने माता पिता या संरक्षक को साइबर ग्रूमिंग से हुई मानसिक क्षति के बारें में जरूर बताये। 
  2. कीबेरगरूमेर की पहचान करने की कोशिश करें क्योकि कही कभी ये अपने नजदीकी हो सकते है क्योक ये अच्छे से जानते है। 
  3. साइबर ग्रूमर द्वारा धमकाया , डराया या प्रताड़ित किया जा रहा है तो उसे तुरंत ब्लॉक करें। '
  4. यदि साइबर ग्रूमर द्वारा किसी भी तरह से कोई भी अश्लील सामग्री की मांग की जाती है या भेजी जाती है तो उसका स्क्रीन शॉट अवश्य ले टस्की पुलिस रिपोर्ट में काम आये।  
  5. जितनी जल्दी हो सके सभी सबूतों के साथ अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में साइबर ग्रूमिंग के खिलाफ एक लिखित प्रार्थना पत्र देकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाए। 
  6. साइबर ग्रूमिंग के शिकार हुए बच्चे या किशोर के माता पिता या संरक्षक द्वारा साइबर क्राइम सेल में भी शिकायत दर्ज करवानी चाहिए।  

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